गुरुवार, 6 अगस्त 2009

भाई प्रमोद उपाध्याय का यूँ चले जाना

अभी -अभी बहुत बुरी ख़बर मुझे मिली और मैं यहाँ लिखने बेठ गया हूँ । मेरा पूरा शरीर यहाँ तक कि दिमाग भी सुन्न पड़ गया है ।
श्री प्रमोद उपाध्याय कवि और नवगीतकार थे । देवास में रहते थे और हमारे बहुत दमदार साथी थे । अभी रात लगभग ११.५० बजे उनका ५९ वर्ष कि उम्र में निधन हो गया । बहुत बीमार थे । कल ही मैं उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल में दोपहर को भरती करवाकर आया । डॉ अस्मित चौधरी ने उनकी हालत पर चिंता जताई । पहले भी उन्हीं का इलाज चला था । आज याने ०६.०८.०९ को उनको डॉ ने डायलिसिस पर रखा था। आज भी शाम को ६ बजे मैं इंदौर से उनको देखकर आया था । उनके नव गीत बहुत ही उम्दा है। अभी मैं उनके बारे में ज्यादा कुछ लिखने की स्थिति में नहीं हूँ । उनका मुझसे बहुत प्रेम था । हमारा एक बहुत जिंदादिल साथी हमें छोड़ कर चला गया ।
उन्हें हमारी और से अश्रुपूरित shrddhanjali ।

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8 टिप्पणियाँ:

यहां 7 अगस्त 2009 को 6:18 am, Blogger Arun Aditya ने कहा…

zindadil kavi ko shraddhanjali.
Dewas ek ke baad ek jhatke de raha hai, pahle Naeem ji aur ab pramod bhai...

 
यहां 7 अगस्त 2009 को 6:23 am, Blogger Ashok Kumar pandey ने कहा…

उस कवि को मेरा भी सलाम

यार जितनी जल्दी हो उनका संग्रह छपवाते हैं।

 
यहां 7 अगस्त 2009 को 6:43 am, Blogger ravindra vyas ने कहा…

ek phone to ker diya hota dost!

 
यहां 9 अगस्त 2009 को 10:29 am, Blogger प्रदीप कांत ने कहा…

इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.

 
यहां 9 अगस्त 2009 को 10:30 am, Blogger प्रदीप कांत ने कहा…

shrddhanjali

 
यहां 10 अगस्त 2009 को 11:15 am, Blogger Bahadur Patel ने कहा…

arun bhai vakai aapne sahi kaha hai.ashok bhai jald hi ham log sangrah ko lekar kam karenge aur chhapwayenge.
ravindra bhai aapake pas yadi mera no. nahin ho to bhi isi blog par mene apana mo.no. de rakha hai.dusari bat yah hai ki dinank 06.08.09 ki rat me prmod bhai ka nidhan hua aur usi rat me maine post laga di aur aapane dinank 07.08.09 ko subah padh liya to phir aap padhakar mujhase jankari lete. aapako bata doon ki phir bhi unaki antim yatra dinank 08.08.09 ko unke niwas se subah 10.00 baje nikali.aapane koi samprk karane ki koshish nahin ki vah aadami aapako bhi bahut pyar karata tha.phir kya hua ?
khair .

 
यहां 19 अगस्त 2009 को 5:23 am, Blogger Arshia Ali ने कहा…

Hardik Sraiddhaanjali.
( Treasurer-S. T. )

 
यहां 6 सितंबर 2009 को 11:11 am, Blogger Bahadur Patel ने कहा…

arshiya ji bahut-bahut dhanywaad.

 

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